31 अगस्त से 6 सितंबर 2026 साप्ताहिक चंद्र राशिफल | राशि–नक्षत्र गोचर
उज्जैन • लाहिरी निरयन • Mean Node • 31 अगस्त–6 सितंबर 2026

साप्ताहिक चंद्र राशिफल + मेदिनी

चन्द्र मीन → मेष → वृषभ → मिथुन, शुक्र का तुला प्रवेश, मंगल का पुनर्वसु प्रवेश और दिनांकवार नक्षत्र-परिवर्तन—सभी 12 चंद्र राशियों का शास्त्रीय आधार सहित विस्तृत फल।

🌙 मीन → मिथुन♀ 2 Sep 13:44:54 तुला♂ 2 Sep 13:17 पुनर्वसु☿ 5 Sep 16:29 उत्तराफाल्गुनी

31 अगस्त 00:00 IST — ग्रह स्थिति

Ujjain • Lahiri • Mean Node
ग्रहराशि/अंशनक्षत्रसप्ताह का परिवर्तन
सूर्य / Sunसिंह 13°10′मघा, पद 431 अगस्त 03:59 पूर्वाफाल्गुनी प्रवेश
चन्द्र / Moonमीन 14°34′उत्तराभाद्रपद, पद 431 अगस्त 03:45 रेवती; 1 सितंबर 03:23 मेष
मंगल / Marsमिथुन 18°23′आर्द्रा, पद 42 सितंबर 13:17 पुनर्वसु प्रवेश
बुध / Mercuryसिंह 16°08′पूर्वाफाल्गुनी, पद 15 सितंबर 16:29 उत्तराफाल्गुनी प्रवेश
गुरु / Jupiterकर्क 19°13′आश्लेषा, पद 13 सितंबर 18:36 आश्लेषा पद 2
शुक्र / Venusकन्या 27°57′चित्रा, पद 22 सितंबर 13:44:54 तुला प्रवेश
शनि / Saturnमीन 19°31′ वक्रीरेवती, पद 1राशि/नक्षत्र परिवर्तन नहीं
राहु / Rahuकुंभ 05°08′ वक्रीधनिष्ठा, पद 4Mean Node; परिवर्तन नहीं
केतु / Ketuसिंह 05°08′ वक्रीमघा, पद 2Mean Node; परिवर्तन नहीं
मुख्य गणना-एंकर: 2 सितंबर 13:44:54 IST पर शुक्र कन्या से तुला में प्रवेश करता है। चन्द्र राशि परिवर्तन: मेष 1 सितंबर 03:23, वृषभ 3 सितंबर 07:25, मिथुन 5 सितंबर 10:18।

उज्जैन पंचांग — सूर्योदय पर सक्रिय स्थिति

दिनांकसूर्योदय / सूर्यास्ततिथिनक्षत्रयोगकरणचन्द्र
31 अगस्त, सोमवार06:10 / 18:44कृष्ण तृतीया — 08:52रेवती — 1 सितंबर 03:24गण्ड — 1 सितंबर 01:51विष्टि — 08:52मीन • रेवती
1 सितंबर, मंगलवार06:10 / 18:43कृष्ण चतुर्थी — 07:42अश्विनी — 2 सितंबर 02:42वृद्धि — 23:39बालव — 07:42मेष • अश्विनी
2 सितंबर, बुधवार06:10 / 18:42कृष्ण पंचमी — 06:13भरणी — 3 सितंबर 01:43ध्रुव — 21:12तैतिल — 06:13मेष • भरणी
3 सितंबर, गुरुवार06:11 / 18:41कृष्ण सप्तमी* — 4 सितंबर 02:26कृत्तिका — 4 सितंबर 00:30व्याघात — 18:33विष्टि — 15:28मेष • कृत्तिका; 07:25 के बाद वृषभ
4 सितंबर, शुक्रवार06:11 / 18:40कृष्ण अष्टमी — 5 सितंबर 00:14रोहिणी — 23:04हर्षण — 15:44बालव — 13:21वृषभ • रोहिणी
5 सितंबर, शनिवार06:11 / 18:39कृष्ण नवमी — 21:54मृगशीर्ष — 21:31वज्र — 12:47तैतिल — 11:05वृषभ; 10:18 के बाद मिथुन
6 सितंबर, रविवार06:12 / 18:38कृष्ण दशमी — 19:30आर्द्रा — 19:53सिद्धि — 09:45वणिज — 08:42मिथुन • आर्द्रा
3 सितंबर की तिथि-व्याख्या: कृष्ण षष्ठी लगभग 04:27 पर सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाती है; इसलिए 06:11 के सूर्योदय पर कृष्ण सप्तमी सक्रिय है। तालिका सूर्योदय-आधारित है, अतः षष्ठी “छूटी” नहीं है।

दिनांकवार राशि–नक्षत्र परिवर्तन

31 अगस्त

03:45 चन्द्र रेवती; 03:59 सूर्य पूर्वाफाल्गुनी। सोमवार 05:00–24:00 चन्द्र मीन/रेवती।

1 सितंबर

03:23 चन्द्र मेष। भावनात्मक समीक्षा से सक्रिय पहल की ओर परिवर्तन।

2 सितंबर

02:42 चन्द्र भरणी; 13:17 मंगल पुनर्वसु; 13:44:54 शुक्र तुला।

3 सितंबर

01:43 कृत्तिका; 07:25 चन्द्र वृषभ; 18:36 गुरु आश्लेषा पद 2।

4 सितंबर

00:30 रोहिणी; 23:04 मृगशीर्ष। स्थिरता से जिज्ञासा की ओर चन्द्र-स्वर।

5 सितंबर

10:18 चन्द्र मिथुन; 16:29 बुध उत्तराफाल्गुनी; 21:31 आर्द्रा।

6 सितंबर

19:53 चन्द्र पुनर्वसु। सप्ताह अंत में पुनर्समीक्षा और पुनर्गठन का संकेत।

मेदिनी — विश्व और भारत

संभाव्यता-आधारित संकेत

🌍 वैश्विक लघु-विश्लेषण

31 अगस्त से 6 सितंबर का मेदिनी संकेत तीन क्रमिक कूर्म-पट्टियों से गुजरता है। 31 अगस्त से 2 सितंबर तक रेवती–अश्विनी–भरणी उत्तर-पूर्वी पट्टी को सक्रिय करते हैं; इसलिए हिमालयी पूर्व, उत्तर-पूर्व भारत से जुड़े सीमा-पार मार्ग, बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से और पूर्वी एशियाई समुद्री क्षेत्र में मौसम, आवागमन तथा संचार-विघ्न की संवेदनशीलता पर निगरानी उचित है। 3 से 5 सितंबर कृत्तिका–रोहिणी–मृगशीर्ष मध्य पट्टी को उभारते हैं; इस चरण में कृषि, खाद्य-मूल्य, परिवहन और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े समाचार अधिक प्रभावी हो सकते हैं। 5–6 सितंबर आर्द्रा और पुनर्वसु पूर्वी पट्टी की ओर संकेत बदलते हैं, जहाँ वर्षा, वायु, बिजली, जलमार्ग और तेज़ सूचना-प्रवाह वाले विषय प्रमुख हो सकते हैं। 2 सितंबर को शुक्र का तुला प्रवेश समझौते, बाजार-संतुलन और कूटनीतिक भाषा को नरम करने का संकेत देता है, जबकि उसी दिन मंगल का पुनर्वसु प्रवेश प्रतिक्रिया की जगह पुनर्संरचना पर जोर देता है। ये संकेत संभाव्यता-आधारित हैं; इन्हें प्रत्यक्ष आपदा या राजनीतिक घटना की निश्चित भविष्यवाणी न माना जाए। विशेषकर जल, कृषि और परिवहन से जुड़े निर्णयों में स्थानीय प्रशासनिक सूचना को प्राथमिक स्रोत मानना चाहिए।

🇮🇳 भारत-केंद्रित संकेत

भारत के लिए सप्ताह का आरंभ उत्तर-पूर्वी कूर्म-पट्टी से होता है। 31 अगस्त–2 सितंबर में उत्तर-पूर्व भारत, पूर्वी हिमालय, बिहार–बंगाल की दिशा और बंगाल की खाड़ी से जुड़े क्षेत्रों में वर्षा, नदी-प्रवाह, सड़क/रेल व्यवधान तथा स्थानीय संचार पर अतिरिक्त सतर्कता उपयोगी रहेगी। 3–5 सितंबर का कृत्तिका–रोहिणी–मृगशीर्ष मध्य-पट्टा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, उत्तर भारत के कृषि-बाजार और मध्यवर्ती परिवहन तंत्र पर ध्यान खींचता है; यहाँ फसल, मंडी, खाद्य आपूर्ति, बिजली और प्रशासनिक निर्णयों की खबरें संवेदनशील हो सकती हैं। 5 सितंबर रात्रि से आर्द्रा और 6 सितंबर पुनर्वसु की ओर गति पूर्वी तथा मानसूनी विषयों को फिर प्रमुख कर सकती है। 2 सितंबर 13:45 पर शुक्र का कन्या से तुला प्रवेश सार्वजनिक संवाद, समझौते, न्यायिक/राजनयिक भाषा और उपभोक्ता-संतुलन के विषयों में स्वर-परिवर्तन का संकेत देता है। मंगल का उसी दिन पुनर्वसु प्रवेश पुनर्निर्माण, मरम्मत, परिवहन और सुरक्षा-व्यवस्था की समीक्षा को उभार सकता है। स्वास्थ्य स्तर पर आर्द्रता, जलजनित असुविधा, यात्रा-थकान और दिनचर्या-भंग पर सावधानी उचित है। सामाजिक-राजनीतिक अर्थ में तीखी भाषा की जगह बातचीत की संभावना बढ़ सकती है, पर राहु–केतु अक्ष अचानक बयान या डिजिटल भ्रम को बनाए रखता है। यह मेदिनी चेतावनी जोखिम-संकेत है, घटना-गारंटी नहीं। पर्वतीय यात्राओं, नदी-पुल मार्गों और लंबी सड़क यात्राओं में स्थानीय मौसम सूचना तथा वास्तविक प्रशासनिक चेतावनी को ज्योतिषीय संकेत से ऊपर प्राथमिकता दें।

कूर्म-पट्टियाँ: 31 Aug–2 Sep उत्तर-पूर्व (रेवती–अश्विनी–भरणी) • 3–5 Sep मध्य (कृत्तिका–रोहिणी–मृगशीर्ष) • 5–6 Sep पूर्व (आर्द्रा–पुनर्वसु)।

चन्द्रबल + जन्म नक्षत्र सहायक

सोमवार 05:00–24:00 IST

चन्द्र मीन राशि, रेवती नक्षत्र में है। सामान्य चन्द्रबल के 1, 3, 6, 7, 10, 11 भाव नियम से वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और मीन चंद्र राशियाँ अपेक्षाकृत सहायक मानी जाएँगी।

अष्टम-चन्द्र: सिंह — 1 Sep 03:23 तक • कन्या — 1 Sep 03:23–3 Sep 07:25 • तुला — 3 Sep 07:25–5 Sep 10:18 • वृश्चिक — 5 Sep 10:18 से सप्ताहांत।

अपना जन्म नक्षत्र चुनें

सोमवार के रेवती चन्द्र के संदर्भ में सामान्य ताराबल देखें।
यह सामान्य ताराबल सहायक है, व्यक्तिगत मुहूर्त नहीं। पूर्ण निर्णय के लिए जन्मकुंडली, दशा और उद्देश्य देखना आवश्यक है।

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सप्ताह-सार

सप्ताह का मुख्य सूत्र है—पहले भीतर की समीक्षा, फिर स्पष्ट पहल। चन्द्रमा मीन से मेष, वृषभ और मिथुन की ओर बढ़ते हुए भावनात्मकता से क्रिया, स्थिरता और संवाद की दिशा बनाता है। 2 सितंबर का शुक्र-तुला प्रवेश संबंधों, समझौतों और संतुलन को विशेष महत्व देता है, जबकि मंगल पुनर्वसु में सुधार और पुनर्गठन की आवश्यकता बताता है। सामान्य राशिफल को दिशा-सूचक मानें; व्यक्तिगत निर्णय में जन्मकुंडली, दशा, ग्रहबल और सत्यापित दृष्टि आवश्यक हैं।

गणना-सीमा: इस सप्ताह की पृथक Drishti PDF उपलब्ध नहीं है; इसलिए PDF-निर्भर अंश-सक्रिय दृष्टि निष्कर्ष जानबूझकर नहीं जोड़े गए। भाव-फल चंद्र राशि, राशि–नक्षत्र गोचर और सत्यापित दीर्घाओं पर आधारित है।

प्रश्नोत्तर

यह फल चंद्र राशि से पढ़ें या लग्न से?

यह सार्वजनिक साप्ताहिक फल मुख्यतः चंद्र राशि से पढ़ें। व्यक्तिगत निर्णय में लग्न, चंद्र, दशा, नवांश, ग्रहबल और सत्यापित दृष्टियाँ साथ देखनी चाहिए।

क्या 2 सितंबर का शुक्र तुला प्रवेश सभी के लिए शुभ है?

शुक्र स्व-राशि तुला में बलवान होता है, पर फल प्रत्येक चंद्र राशि से उसके भाव, जन्मकुंडली और दशा पर निर्भर करेगा। इसलिए इसे सार्वभौमिक शुभफल न मानें।

₹501 व्यक्तिगत दैनिक राशिफल में क्या अंतर है?

सामान्य साप्ताहिक राशिफल केवल चंद्र राशि-आधारित सामूहिक संकेत देता है। व्यक्तिगत सेवा जन्मकुंडली-आधारित दैनिक दिशा के लिए है और अगले एक वर्ष की PDF सेवा के रूप में दी जाती है।

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कुंडली, हस्तरेखा, FPAT और अंकज्योतिषीय विश्लेषण हेतु संपर्क: 7879118899, 9244277442
यह सामग्री शैक्षिक/अनुसंधान हेतु है; हम SEBI-पंजीकृत सलाहकार नहीं हैं; कृपया अपने विवेक से निर्णय लें।