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Blog, DharmGyan, Vrat Tyohar

महाशिवरात्रि पर समस्या निवारण हेतु विभिन्न अभिषेक के प्रकार और उनकी विधि

महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न सामग्रियों से अभिषेक किया जाता है। यह लेख आपको समस्या विशेष अनुसार जलाभिषेक, पंचामृत अभिषेक, दुग्धाभिषेक, घृताभिषेक, मधु अभिषेक आदि की विधि और लाभ बताएगा। जानें कि कौन-सा अभिषेक किस समस्या के निवारण के लिए श्रेष्ठ है और किस तरह शिव की कृपा से जीवन को सुख-समृद्धि से भरें।

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महाशिवरात्रि 2025: शिव साधना, व्रत विधि, पूजा मुहूर्त और आध्यात्मिक महत्व

महाशिवरात्रि 2025 का पर्व भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष है। जानिए व्रत, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, मंत्र, ज्योतिषीय लाभ और महाशिवरात्रि से जुड़े पौराणिक प्रसंग।

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रथ सप्तमी 2025: धार्मिक महत्व, ज्योतिषीय प्रभाव और उपायों की संपूर्ण जानकारी

रथ सप्तमी पर धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व, विभिन्न राशियों पर प्रभाव, करने योग्य अनुष्ठान, सावधानियां, तथा स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए विशेष उपायों की विस्तृत जानकारी प्राप्त करें।

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बसंत पंचमी पर पढ़ें सरस्वती पूजा कथा – जानिए ज्ञान की देवी का जन्म, पूजन विधी, उपाय और शुभ मुहूर्त

माँ सरस्वती की उत्पत्ति: कैसे हुई ज्ञान की देवी का प्राकट्य? पुराणों के अनुसार, सृष्टि की रचना के समय भगवान

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बसंत पंचमी: महिमा, उपयोगिता, ज्योतिषीय कारण, भौगोलिक महत्व और वैज्ञानिक आधार

भारत में प्रत्येक त्योहार का एक विशेष धार्मिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक महत्व होता है। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण पर्व

Blog, Jigyasu, Zodiac

सूर्य राशि और चंद्र राशि: प्रभाव, अंतर और ज्योतिषीय दृष्टिकोण

सूर्य राशि और चंद्र राशि: ज्योतिष में महत्व और प्रभाव​ सूर्य राशि और चंद्र राशि का परिचय ज्योतिषशास्त्र में, सूर्य

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देव दिवाली 2024: ज्योतिष के संदर्भ में इस पवित्र त्योहार की महिमा

देव दिवाली, जिसे ‘देवतेों की दीवाली’ भी कहा जाता है, विशेष रूप से हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण पर्व है जो हर वर्ष कार्तिक महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस त्योहार का प्रमुख उद्देश्य स्वर्गीय देवताओं के लिए दीप जलाना और उनकी आराधना करना है।

Blog, Mahadasha, ज्योतिष

केतु की महादशा का सामान्य जातक पर प्रभाव

केतु, जिसे ज्योतिष में एक छाया ग्रह के रूप में माना जाता है, को भारतीय ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। इसकी महादशा, जो लगभग सात साल तक चलती है, व्यक्ति के जीवन पर कई प्रभाव डाल सकती है।