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द्वितीय भाव: अर्थ, कारकत्व, भावेश और कुंडली में फल — Bhavishyat.Org ज्योतिष ज्ञान लेख
12 भाव / Houses, Blog

द्वितीय भाव: अर्थ, कारकत्व, भावेश और कुंडली में फल

द्वितीय भाव जन्मकुंडली के उस क्षेत्र को दर्शाता है जहाँ संचित धन, परिवार, वाणी, भोजन, प्रारम्भिक संस्कार, मूल्यबोध और संसाधनों […]

प्रथम भाव: अर्थ, कारकत्व, भावेश और कुंडली में फल — Bhavishyat.Org ज्योतिष ज्ञान लेख
12 भाव / Houses, Blog

प्रथम भाव: अर्थ, कारकत्व, भावेश और कुंडली में फल

प्रथम भाव (लग्न) जन्मकुंडली के उस क्षेत्र को दर्शाता है जहाँ शरीर, व्यक्तित्व, स्वभाव, जीवन-दृष्टि, स्वास्थ्य की मूल संरचना और

वक्री ग्रह क्या होता है? प्रतिगामी गति, चेष्टा बल और फलादेश की सही समझ — Bhavishyat.Org ज्योतिष ज्ञान लेख
Blog, ग्रह एवं भाव बल / Strength

वक्री ग्रह क्या होता है? प्रतिगामी गति, चेष्टा बल और फलादेश की सही समझ

वक्री ग्रह पृथ्वी से देखने पर प्रतिगामी दिखाई देता है। ज्योतिष में यह गति ग्रह की चेष्टा, अभिव्यक्ति, पुनरावृत्ति, आंतरिकता

ग्रह अस्त क्या होता है? सूर्य के निकटता से ग्रह के फल में होने वाला परिवर्तन — Bhavishyat.Org ज्योतिष ज्ञान लेख
Blog, ग्रह एवं भाव बल / Strength

ग्रह अस्त क्या होता है? सूर्य के निकटता से ग्रह के फल में होने वाला परिवर्तन

अस्त या combustion तब माना जाता है जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत निकट आकर उसकी दृश्यता और स्वतंत्र अभिव्यक्ति