भागवद् गीता और अंकज्योतिष: 1–9 मूलांकों के लिए दिव्य मार्गदर्शन

मूलांक की गणना कैसे की जाती है? – सरल विधि और उदाहरण सहित

────────────────────────

  1. मूलांक क्या होता है?

अंकशास्त्र में मूलांक उस व्यक्ति की जन्मतिथि (केवल दिन) से निकला हुआ मूल अंक होता है।
यह हमेशा 1 से 9 के बीच का एक अकेला अंक माना जाता है और
इसे व्यक्ति के मूल स्वभाव, प्रतिक्रिया–शैली और जीवनऊर्जा का बीज–सूचक माना जाता है।

ध्यान रखें:

  • मूलांक निकालते समय केवल जन्म का दिन (date) लिया जाता है।
  • महीना और वर्ष मूलांक की गणना में शामिल नहीं किए जाते।

उदाहरण:

  • यदि किसी का जन्म 05–07–2011 को हुआ है, तो मूलांक निकालते समय केवल 05 (दिन) को देखा जाएगा। यदि 26-08-1998 हुआ तब मूलांक “जन्म दिनांक का जोड़” अर्थात 2+6=8 होगा। 

भागवद् गीता : हर मनुष्य के लिए जीवन–मार्गदर्शक

भागवद गीता केवल महाभारत का एक अध्याय नहीं, बल्कि हमारे भीतर चल रहे
संशय बनाम कर्तव्य, मोह बनाम धर्म और भय बनाम विश्वास का शास्त्रीय उत्तर है।

छोटा सार, मोबाइल–फ्रेंडली बिंदुओं में:

  • आत्मा शाश्वत है, देह नश्वर – इसलिए मृत्यु, हानि, पद, अपमान सब अस्थायी हैं।
  • निष्काम कर्म–योग – “कर्मण्येवाधिकारस्ते” के अनुसार अधिकार केवल कर्म पर है, फल पर नहीं।
  • भक्ति, ज्ञान और कर्म का संतुलन – किसी एक मार्ग में अटकने के बजाय समन्वित योग
  • समत्व–भाव – सुख–दुःख, लाभ–हानि में मानसिक संतुलन ही सच्ची आध्यात्मिक प्रगति है।

इन ही मूल शिक्षाओं को हमने अंकज्योतिषीय मूलांकों के साथ जोड़ा है, ताकि पाठक अपने स्वभाव के अनुसार गीता को और व्यावहारिक रूप में समझ सके।

  1. अंकज्योतिष (मूलांक) और व्यक्तित्व की बीज–ऊर्जा

मूलांक आपकी जन्मतिथि के अंकों के योग से बनता है (1–9 के बीच)।
SEO की दृष्टि से भी यह भाग मुख्य keyword–rich रखा गया है: अंकज्योतिष, मूलांक, numerology, moolank personality” इत्यादि।

मोबाइल पर एक नज़र में समझने के लिए:

  • मूलांक 1 – सूर्य तत्त्व: नेतृत्व, आत्मविश्वास, पहल करने की शक्ति
  • मूलांक 2 – चन्द्र तत्त्व: संवेदनशीलता, सम्बन्ध, करुणा
  • मूलांक 3 – गुरु तत्त्व: ज्ञान, व्यवस्था, नीति, मार्गदर्शन
  • मूलांक 4 – धरातलीय तत्त्व: श्रम, अनुशासन, सिस्टम–बिल्डर
  • मूलांक 5 – बुध तत्त्व: बुद्धि, संचार, अनुकूलन क्षमता
  • मूलांक 6 – शुक्र तत्त्व: प्रेम, परिवार, सौन्दर्य, सेवा
  • मूलांक 7 – केतु तत्त्व: शोध, वैराग्य, आध्यात्मिक खोज
  • मूलांक 8 – शनि तत्त्व: कर्मफल, न्याय, परीक्षा, धैर्य
  • मूलांक 9 – मंगल तत्त्व: साहस, संघर्ष, त्याग, धर्म–रक्षा

महत्त्वपूर्ण: भागवद्गीता स्वयं मूलांक 1–9 नहीं बताती।
यहाँ गीता–श्लोक और मूलांक का मेल गुण–धर्म (qualities) के साम्य पर आधारित सांकेतिक मिलान है, न कि नया शास्त्रीय सिद्धान्त।

  1. इस Series को पढ़ने का Step–by–Step तरीका

मोबाइल यूज़र के लिए सरल मार्गदर्शन:

  1. अपना मूलांक निकालें
    • जन्मतिथि के अंकों को जोड़ें,
    • जब तक 1–9 के बीच एक अंक न आ जाए (उदाहरण: 23 → 2+3 = 5)।
  2. नेविगेशन से “मूलांक X – भागवद्गीता और अंकज्योतिष” पोस्ट खोलें
    • हर पोस्ट का शीर्षक स्पष्ट है, नीचे दिया गया है।
  3. सबसे पहले चित्र और Intro पढ़ें
    • चित्र से उस अंक की ऊर्जा का visual feel लें,
    • नीचे Intro में 3–4 लाइन का सार पढ़ें।
  4. गीता–श्लोक और “मूलांक X और गीता–संदेश” पर विशेष फोकस करें
    • ये भाग आपके स्वभाव और गीता–शिक्षा के बीच सीधे पुल का काम करते हैं।
  5. दैनिक साधना–सूत्र को Bookmark या Screenshot कर लें
    • ताकि उसे रोज़ अभ्यास में लाया जा सके –
      यहीं से actual transformation शुरू होता है।
  1. शास्त्रीय मर्यादा और डिस्क्लेमर
  • भागवद गीता सार्वभौम है
    कोई भी व्यक्ति, किसी भी मूलांक का हो, गीता के सभी अध्यायों और श्लोकों से लाभ लेना चाहिए।
  • अंकज्योतिष केवल सहायक दृष्टि है
    यहाँ गीता–श्लोक और मूलांक का मेल सांकेतिक है,
    इसे शास्त्रीय अन्तिम निर्णय के रूप में न लें।
  • जीवन–निर्णय में विवेक अनिवार्य है
    करियर, विवाह, स्वास्थ्य, वित्त आदि विषयों में
    केवल किसी एक अंक या एक श्लोक पर आधारित निर्णय लेना उचित नहीं;
    सामान्य बुद्धि, परिस्थितियाँ, और जहाँ आवश्यक हो, विशेषज्ञ सलाह भी साथ रखनी चाहिए।

संक्षेप में

यह पूरी “भागवद गीता और अंकज्योतिष: 1–9 मूलांकों के लिए दिव्य मार्गदर्शन”
आपको दो स्तर पर सहायता देती है:

  • आध्यात्मिक स्तर पर – गीता की शिक्षा को अपने स्वभाव के अनुरूप,
    छोटे–छोटे actionable steps में समझना।
  • व्यक्तित्व–समझ के स्तर पर
    अपने मूलांक की ताकत और कमजोरियों को पहचानना,
    और उन्हें शास्त्रीय गीता–संदेश की रोशनी में परिष्कृत करना।

नीचे क्लिक कर आप मूलांक 1 से 9 की सभी पोस्ट पर पहुँच सकते हैं –

आपके मूलांक अनुसार यहाँ पढिए:

मूलांक 1
मूलांक 2
मूलांक 3
मूलांक 4
मूलांक 5
मूलांक 6
मूलांक 7
मूलांक 8
मूलांक 9

भागवद्गीता के प्रमुख श्लोकों को अंकज्योतिष के 1–9 मूलांकों के स्वभाव, कर्तव्य और साधना से जोड़ा गया है। इस पेज पर हर मूलांक के लिए अलग पोस्ट, गीता-आधारित मार्गदर्शन और प्रतीकात्मक चित्रों के माध्यम से सरल, व्यावहारिक आध्यात्मिक दिशा समझाई गई है।

व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट कुंडली विश्लेषण की भूमिका

व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट कुंडली का विश्लेषण इस अवधि में व्यवसायिक और व्यक्तिगत सफलता के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण हो सकता है। शनि जैसे प्रमुख ग्रह के प्रभाव को समझने के लिए कुंडली विश्लेषण एक सटीक उपकरण है। यह आपको बताएगा कि आपके व्यवसाय और व्यक्तिगत जीवन में कौन से निर्णय फलदायी होंगे और किन पहलुओं में सावधानी बरतनी चाहिए।

क्यों महत्वपूर्ण है कुंडली विश्लेषण?

  • आपके व्यवसाय के लिए सही समय पर निर्णय लेना।

  • व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में संतुलन बनाना।

  • दीर्घकालिक योजनाओं को कुशलता से लागू करना।

यहां से करवाएं कुंडली विश्लेषण:

हमारे विशेषज्ञों से व्यक्तिगत या कॉर्पोरेट कुंडली विश्लेषण करवाने के लिए इस लिंक पर जाएं: कुंडली विश्लेषण

ह न केवल शनि के प्रभाव को समझने में मदद करेगा बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि आप सही दिशा में कदम उठा रहे हैं।

सोशल मीडिया में साझा कीजिए!

महत्वपूर्ण ब्लॉग पोस्ट 

“India 2026 Sanatan Dharma and spiritual resurgence illustrated with Lord Shiva in meditation, ancient temples glowing in saffron light, saints and devotees engaged in prayer and scripture study, sacred fire rituals, Indian national flag in the background, and a radiant spiritual landscape symbolizing revival of Sanatan traditions, faith, and inner awakening, with Hindi title ‘भारत 2026’ and English heading ‘SANATAN DHARMA & SPIRITUAL RESURGENCE | MEDINI JYOTISH’ displayed.

भारत 2026: सनातन धर्म और आध्यात्मिक पुनरुत्थान | मेदिनी ज्योतिष

2026 में भारत में सनातन धर्म, मंदिर, तीर्थ, गुरुपरंपरा और आध्यात्मिक चेतना किस दिशा में जाएगी? गुरु, केतु, नवम भाव और द्वादश भाव के आधार पर विस्तृत मेदिनी ज्योतिषीय विश्लेषण।

Read More »
India 2026 POK and border realignment illustrated through a tense Line of Control standoff, Indian and Pakistani soldiers facing each other across a fortified border fence, national flags raised amid explosions, fighter jets overhead, burning terrain and Himalayan mountains in the background, symbolizing territorial tension, strategic confrontation, and potential border redefinition, with Hindi title ‘भारत 2026’ and English heading ‘POK & BORDER REALIGNMENT | MEDINI JYOTISH’ displayed

भारत 2026: POK और सीमांत पुनर्निर्धारण | मेदिनी ज्योतिष

2026 में POK, कश्मीर और सीमांत पुनर्निर्धारण से जुड़े कौन से निर्णायक घटनाक्रम संभव हैं? मंगल, राहु, शनि और अष्टम भाव के आधार पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया सहित विस्तृत मेदिनी ज्योतिषीय विश्लेषण।

Read More »
India 2026 space, science and defense technology illustrated with an Indian astronaut in space, rocket launches, satellites orbiting Earth, advanced missiles and fighter jets, a soldier with modern weaponry, and a scientist working on digital control screens, symbolizing India’s technological and strategic advancement, with Hindi title ‘भारत 2026’ and English heading ‘SPACE, SCIENCE & DEFENSE TECHNOLOGY | MEDINI JYOTISH’ displayed prominently.

भारत 2026: अंतरिक्ष, विज्ञान और रक्षा प्रौद्योगिकी | मेदिनी ज्योतिष

2026 में भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम, विज्ञान अनुसंधान और रक्षा प्रौद्योगिकी में कौन से निर्णायक परिवर्तन संभव हैं? मंगल, शनि, राहु और दशम भाव के आधार पर विस्तृत मेदिनी ज्योतिषीय विश्लेषण।

Read More »

हमारी प्रभुख सेवाएं 

Bhavishyat.Org