मूलांक 6 – प्रेम, परिवार और भगवद्गीता के समत्वपूर्ण सौन्दर्य की शिक्षा
मूलांक 6 शुक्र-स्वभाव, प्रेम, सौन्दर्य और गृहस्थ-धर्म से जुड़ा है। गीता 12.15 के “यस्मान्नोद्विजते लोको…” श्लोक के आधार पर यह लेख स्पष्ट करता है कि 6 मूलांक जातक कैसे सम्बन्धों में आसक्ति और दिखावे से ऊपर उठकर ऐसा सन्तुलन बना सकते हैं, जहाँ अपने-पराये सभी को शान्ति और सुरक्षा महसूस हो।










