24 से 30 अगस्त 2026 साप्ताहिक चंद्र राशिफल | राशि–नक्षत्र गोचर

24 से 30 अगस्त 2026 साप्ताहिक चंद्र राशिफल

उज्जैन (IST) • लाहिरी अयनांश • धनु–मकर–कुंभ–मीन चन्द्र गोचर • दैनिक नक्षत्र परिवर्तन सहित
चन्द्र का मुख्य क्रम

धनु से मकर 25 अगस्त 03:06, कुंभ 27 अगस्त 13:36 और मीन 29 अगस्त 21:38। नक्षत्र क्रम: पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद और उत्तराभाद्रपद।

सप्ताह के प्रमुख ग्रह-संकेत

25 अगस्त 12:28 बुध–केतु अंश-समीप युति; 12:50 शुक्र चित्रा प्रवेश। 27 अगस्त 22:34 सूर्य–बुध अंश-समीप युति; 28 अगस्त 07:31 मंगल आर्द्रा पद 4; 29 अगस्त 12:57 बुध पूर्वाफाल्गुनी प्रवेश।

मुख्य निर्णय-सूत्र

24–25 अगस्त दिशा व जिम्मेदारी; 25–27 अगस्त काम और अनुशासन; 27–29 अगस्त नेटवर्क और सूचना; 29–30 अगस्त विश्राम, आत्ममंथन तथा आगामी निर्णयों की तैयारी। लिखित पुष्टि और तथ्य-जाँच को प्राथमिकता दें।

सप्ताहारम्भ की सभी ग्रह-स्थितियाँ

स्थिति 24 अगस्त 2026, 00:00 IST के निकट। लाहिरी निरयन गणना और Mean Node (औसत नोड)। परिवर्तन-समय IST में हैं। पृथक Drishti PDF उपलब्ध न होने से दृष्टि-आधारित निष्कर्ष शामिल नहीं किए गए हैं।

ग्रहराशि व अंशनक्षत्रगति24–30 अगस्त का परिवर्तन
सूर्यसिंह 06°25′मघा पद 2मार्गी24 अगस्त 06:12 मघा पद 3; 27 अगस्त 17:09 पद 4
चन्द्रधनु 16°26′पूर्वाषाढ़ा पद 1मार्गीधनु → मकर 25 अगस्त 03:06 → कुंभ 27 अगस्त 13:36 → मीन 29 अगस्त 21:38
मंगलमिथुन 13°54′आर्द्रा पद 3मार्गी28 अगस्त 07:31 आर्द्रा पद 4
बुधसिंह 02°23′मघा पद 1मार्गी24 अगस्त 11:20 मघा पद 2; 26 अगस्त 03:25 पद 3; 27 अगस्त 19:54 पद 4; 29 अगस्त 12:57 पूर्वाफाल्गुनी
गुरुकर्क 17°43′आश्लेषा पद 1मार्गीआश्लेषा पद 1 में स्थिर
शुक्रकन्या 21°59′हस्त पद 4मार्गी25 अगस्त 12:50 चित्रा प्रवेश; 29 अगस्त 10:35 चित्रा पद 2
शनिमीन 19°52′रेवती पद 1वक्रीरेवती पद 1 में वक्री
राहुकुंभ 05°30′धनिष्ठा पद 4वक्रीधनिष्ठा पद 4 में वक्री
केतुसिंह 05°30′मघा पद 2वक्रीमघा पद 2 में वक्री; 25 अगस्त 12:28 बुध से अंश-समीप युति

दिनांकवार चन्द्र राशि–नक्षत्र और ग्रह-परिवर्तन

प्रत्येक राशि के फलादेश में इन्हीं समय-बिंदुओं के अनुसार प्रभाव का स्वर बदलता है।

24 अगस्त, सोमवारधनु • पूर्वाषाढ़ा → उत्तराषाढ़ा 20:28
06:12 सूर्य मघा पद 3; 11:20 बुध मघा पद 2; 20:28 चन्द्र उत्तराषाढ़ा।

प्रातः लक्ष्य, अध्ययन और यात्रा-विषय सक्रिय रहेंगे। दिन बढ़ने के साथ निर्णय को जिम्मेदारी और दीर्घकालिक परिणाम से जोड़ना अधिक उपयोगी होगा।

25 अगस्त, मंगलवार03:06 मकर • उत्तराषाढ़ा → श्रवण 22:52
03:06 चन्द्र मकर; 12:28 बुध–केतु युति; 12:50 शुक्र चित्रा प्रवेश; 22:52 श्रवण।

काम, व्यवस्था और उत्तरदायित्व बढ़ेंगे। दोपहर के आसपास संदेश, दस्तावेज़ और मौखिक आश्वासन की पुनःजाँच करें; संबंधों में व्यावहारिकता लाभ देगी।

26 अगस्त, बुधवारमकर • श्रवण
03:25 बुध मघा पद 3।

योजना, रिपोर्टिंग, प्रशासन और सुनने की क्षमता महत्त्वपूर्ण रहेगी। आधी जानकारी पर निष्कर्ष देने के बजाय तथ्य और समयसीमा स्पष्ट रखना उपयोगी होगा।

27 अगस्त, गुरुवार00:48 धनिष्ठा; 13:36 कुंभ
00:48 चन्द्र धनिष्ठा; 13:36 कुंभ; 17:09 सूर्य मघा पद 4; 19:54 बुध मघा पद 4; 22:34 सूर्य–बुध युति।

दोपहर बाद नेटवर्क, समूह और सार्वजनिक संवाद सक्रिय होंगे। रात्रि के सूर्य–बुध संयोग में महत्वपूर्ण घोषणा या निर्णय से पहले भाषा और तथ्य की दोहरी जाँच रखें।

28 अगस्त, शुक्रवारकुंभ • शतभिषा 02:16
02:16 चन्द्र शतभिषा; 07:31 मंगल आर्द्रा पद 4।

तकनीकी प्रणाली, स्वास्थ्य-संरचना, नेटवर्क और संचार-विषय संवेदनशील रह सकते हैं। तेज प्रतिक्रिया के बजाय प्रक्रिया और बैकअप योजना पर ध्यान देना लाभकारी होगा।

29 अगस्त, शनिवारकुंभ • पूर्वाभाद्रपद 03:13; 21:38 मीन
03:13 पूर्वाभाद्रपद; 10:35 शुक्र चित्रा पद 2; 12:57 बुध पूर्वाफाल्गुनी; 21:38 चन्द्र मीन।

दिन में विचार, प्रस्तुति और रचनात्मक संवाद आगे बढ़ सकते हैं। रात्रि से गति भीतर की ओर मुड़ेगी; विश्राम, समापन और अगले कदम की शांत समीक्षा उपयोगी होगी।

30 अगस्त, रविवारमीन • उत्तराभाद्रपद 03:43
03:43 चन्द्र उत्तराभाद्रपद।

आत्ममंथन, आध्यात्मिकता, लंबित कार्य और विश्राम पर जोर रहेगा। आगामी सप्ताह के निर्णय भावुक प्रतिक्रिया से नहीं, लिखित प्राथमिकता और व्यावहारिक समय-सारिणी से तय करें।

वैश्विक एवं भारत-केंद्रित मेदिनी संकेत

वैश्विक संकेत

24 अगस्त को पूर्वाषाढ़ा से उत्तराषाढ़ा में चन्द्र का संक्रमण पश्चिमी से उत्तर-पश्चिमी कूर्म-पट्टी की ओर संवेदनशीलता बढ़ाता है। 25–27 अगस्त उत्तराषाढ़ा–श्रवण–धनिष्ठा क्रम में उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र, लंबी दूरी का परिवहन, सड़क-रेल संपर्क, ऊर्जा-वितरण, संचार तथा प्रशासनिक समन्वय पर अतिरिक्त सतर्कता संकेतित है। 28 अगस्त 02:16 के बाद शतभिषा और फिर पूर्वाभाद्रपद–उत्तराभाद्रपद उत्तर दिशा की पट्टी सक्रिय करेंगे; इससे उत्तरी समुद्री/वायवीय मार्ग, स्वास्थ्य-संरचना, नेटवर्क और जल-संबंधी व्यवस्थाएँ अधिक संवेदनशील विषय बन सकती हैं। 25 अगस्त 12:28 बुध–केतु अंश-समीप युति सूचना-विच्छेद, अधूरी घोषणा, दस्तावेज़ संशोधन अथवा डिजिटल भ्रम के संकेत बढ़ा सकती है। 25 अगस्त 12:50 शुक्र चित्रा में प्रवेश कर निर्माण, डिजाइन और संरचनात्मक सुधार के विषय उभारेगा। 27 अगस्त 22:34 सूर्य–बुध अंश-समीप युति नेतृत्व-वक्तव्य, प्रशासनिक संचार और सार्वजनिक घोषणाओं को तीखा कर सकती है। 28 अगस्त मंगल आर्द्रा पद 4 में पहुँचकर संचार, तकनीकी संरचना और त्वरित प्रतिक्रिया से जुड़े जोखिम संकेत बढ़ाता है। यह प्रत्यक्ष मौसम या भू-राजनीतिक भविष्यवाणी नहीं, बल्कि ज्योतिषीय संवेदनशीलता-सूचक है; वास्तविक निर्णयों में आधिकारिक चेतावनी और तथ्य-पुष्टि को प्राथमिकता दें। विशेषकर तेज़ी से बदलती सूचना-श्रृंखला, सीमा-पार परिवहन और बड़े सार्वजनिक आयोजनों में बैकअप योजना तथा संचार-अनुशासन उपयोगी रहेगा।

भारत-केंद्रित सावधानियाँ

भारत में 24 अगस्त पूर्वाषाढ़ा के कारण पश्चिमी पट्टी की संवेदनशीलता गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और पश्चिमी मध्य प्रदेश से जुड़े परिवहन, कृषि-भंडारण, बाजार-आपूर्ति और स्थानीय प्रशासनिक खबरों में दिखाई दे सकती है। 24 अगस्त 20:28 से 28 अगस्त 02:16 तक उत्तराषाढ़ा–श्रवण–धनिष्ठा क्रम उत्तर-पश्चिमी पट्टी को प्रमुख करता है; राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल क्षेत्र में सड़क-रेल यातायात, संचार, विद्युत और जल-प्रबंधन संबंधी सावधानी उपयोगी रहेगी। 28 अगस्त से शतभिषा–पूर्वाभाद्रपद–उत्तराभाद्रपद उत्तर दिशा को सक्रिय करेंगे; उत्तर भारत और हिमालयी क्षेत्रों में स्वास्थ्य-सुविधा, जल-निकासी, नेटवर्क तथा स्थानीय अवसंरचना पर वास्तविक प्रशासनिक चेतावनियों को प्राथमिकता दें। 25 अगस्त 12:28 बुध–केतु युति और 27 अगस्त 22:34 सूर्य–बुध युति सरकारी वक्तव्य, दस्तावेज़, तकनीकी सूचना या सार्वजनिक संदेशों में पुनर्पुष्टि की आवश्यकता बढ़ा सकती है। सोमवार 24 अगस्त 05:00–24:00 में चन्द्र धनु में है; चंद्रबल की दृष्टि से मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुंभ और मीन अपेक्षाकृत सहायक माने जाएँगे। अष्टम-चन्द्र खिड़कियाँ: वृषभ के लिए 25 अगस्त 03:06 तक, मिथुन के लिए 25 अगस्त 03:06–27 अगस्त 13:36, कर्क के लिए 27 अगस्त 13:36–29 अगस्त 21:38 और सिंह के लिए 29 अगस्त 21:38 के बाद। व्यक्तिगत जन्म-नक्षत्र उपलब्ध न होने से ताराबल लागू नहीं किया गया है। कृषि, स्वास्थ्य, परिवहन और स्थानीय प्रशासन से जुड़े निर्णयों में IMD, राज्य प्रशासन और अधिकृत विभागों की वास्तविक समय सूचना को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

उज्जैन पञ्चाङ्ग-सार

प्रत्येक पंक्ति सूर्योदय के समय सक्रिय तिथि, नक्षत्र, योग और करण दिखाती है। अंत-समय अगले दिन पड़े तो पूर्ण दिनांक सहित दिया गया है, ताकि सूर्योदय-पूर्व संक्रमण में भ्रम न हो।

दिनांकसूर्योदय / सूर्यास्ततिथिनक्षत्रयोगकरणसूर्योदय का चन्द्र
24 अगस्त
सोमवार
06:07 / 18:51शुक्ल द्वादशी
अंत 25 अगस्त 06:21
पूर्वाषाढ़ा
अंत 24 अगस्त 20:28
प्रीति
अंत 24 अगस्त 07:05
बव
अंत 24 अगस्त 17:23
धनु • पद 2
25 अगस्त
मंगलवार
06:08 / 18:50शुक्ल द्वादशी
अंत 25 अगस्त 06:21
उत्तराषाढ़ा
अंत 25 अगस्त 22:52
आयुष्मान
अंत 25 अगस्त 07:41
बालव
अंत 25 अगस्त 06:21
मकर • पद 2
26 अगस्त
बुधवार
06:08 / 18:49शुक्ल त्रयोदशी
अंत 26 अगस्त 08:00
श्रवण
अंत 27 अगस्त 00:48
सौभाग्य
अंत 26 अगस्त 08:00
तैतिल
अंत 26 अगस्त 08:00
मकर • पद 2
27 अगस्त
गुरुवार
06:08 / 18:48शुक्ल चतुर्दशी
अंत 27 अगस्त 09:09
धनिष्ठा
अंत 28 अगस्त 02:16
शोभन
अंत 27 अगस्त 07:56
वणिज
अंत 27 अगस्त 09:09
मकर • पद 1
28 अगस्त
शुक्रवार
06:09 / 18:47पूर्णिमा
अंत 28 अगस्त 09:49
शतभिषा
अंत 29 अगस्त 03:13
अतिगण्ड
अंत 28 अगस्त 07:28
बव
अंत 28 अगस्त 09:49
कुंभ • पद 1
29 अगस्त
शनिवार
06:09 / 18:46कृष्ण प्रतिपदा
अंत 29 अगस्त 09:57
पूर्वाभाद्रपद
अंत 30 अगस्त 03:43
सुकर्मा
अंत 29 अगस्त 06:36
कौलव
अंत 29 अगस्त 09:57
कुंभ • पद 1
30 अगस्त
रविवार
06:09 / 18:45कृष्ण द्वितीया
अंत 30 अगस्त 09:38
उत्तराभाद्रपद
अंत 31 अगस्त 03:45
शूल
अंत 31 अगस्त 03:46
गर
अंत 30 अगस्त 09:38
मीन • पद 1

सभी 12 चंद्र राशियों का फल

प्रत्येक राशि में पहले शास्त्रीय आधार दिया गया है; विस्तृत फल में लाभ, सावधानी, कार्य/व्यवसाय, परिवार/संबंध, स्वास्थ्य और उपाय के अलग 100–120 शब्दीय खंड हैं।

🐏

मेष राशि

चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ
शास्त्रीय आधार — फलदीपिका, अध्याय 26, श्लोक 1–4 तथा बृहत्संहिता, अध्याय 104, श्लोक 4 एवं 8–10 में जन्मचन्द्र से गोचर-विचार को प्रधानता दी गई है। इस सप्ताह मेष से चन्द्र नवम → दशम → एकादश → द्वादश भावों में चलेगा; चन्द्र के प्रथम, तृतीय, षष्ठ, सप्तम, दशम और एकादश स्थान सामान्यतः सहायक तथा अष्टम स्थान विशेष सावधानीयोग्य माना गया है। ग्रह-स्थिति, वेध और व्यक्तिगत जन्मकुंडली के अभाव में परिणाम सामान्य तथा सशर्त माने जाएँ।

चन्द्र इस सप्ताह नवम → दशम → एकादश → द्वादश भावों से गुजरेगा। उपयोगी समय: 25 अगस्त 03:06 से 29 अगस्त 21:38। सावधानी: 29 अगस्त 21:38 के बाद खर्च, विश्राम और गोपनीय विषय। सिंह के पंचम भाव में सूर्य, बुध और केतु शिक्षा, सृजन, प्रेम और संतति को प्रमुख करेंगे। 25 अगस्त बुध–केतु और 27 अगस्त सूर्य–बुध अंश-समीप युति में तथ्य-जाँच रखें। कर्क के चतुर्थ भाव में उच्च गुरु समर्थन देता है; कन्या का नीचराशिगत शुक्र व्यावहारिक अपेक्षाएँ माँगता है। उपाय: मंगलवार हनुमान चालीसा पढ़ें और लाल मसूर यथाशक्ति दान करें।

उपयोगी: 25 अगस्त 03:06 से 29 अगस्त 21:38सावधानी: 29 अगस्त 21:38 के बाद खर्च, विश्राम और गोपनीय विषय
🐂

वृषभ राशि

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो
शास्त्रीय आधार — फलदीपिका, अध्याय 26, श्लोक 1–4 तथा बृहत्संहिता, अध्याय 104, श्लोक 4 एवं 8–10 में जन्मचन्द्र से गोचर-विचार को प्रधानता दी गई है। इस सप्ताह वृषभ से चन्द्र अष्टम → नवम → दशम → एकादश भावों में चलेगा; चन्द्र के प्रथम, तृतीय, षष्ठ, सप्तम, दशम और एकादश स्थान सामान्यतः सहायक तथा अष्टम स्थान विशेष सावधानीयोग्य माना गया है। ग्रह-स्थिति, वेध और व्यक्तिगत जन्मकुंडली के अभाव में परिणाम सामान्य तथा सशर्त माने जाएँ।

चन्द्र इस सप्ताह अष्टम → नवम → दशम → एकादश भावों से गुजरेगा। उपयोगी समय: 27 अगस्त 13:36 के बाद। सावधानी: 24 अगस्त से 25 अगस्त 03:06 तक अष्टम-चन्द्र। सिंह के चतुर्थ भाव में सूर्य, बुध और केतु घर, माता, वाहन और मानसिक शांति को प्रमुख करेंगे। 25 अगस्त बुध–केतु और 27 अगस्त सूर्य–बुध अंश-समीप युति में तथ्य-जाँच रखें। कर्क के तृतीय भाव में उच्च गुरु समर्थन देता है; कन्या का नीचराशिगत शुक्र व्यावहारिक अपेक्षाएँ माँगता है। उपाय: शुक्रवार सफेद मिठाई या चावल यथाशक्ति दान करें।

उपयोगी: 27 अगस्त 13:36 के बादसावधानी: 24 अगस्त से 25 अगस्त 03:06 तक अष्टम-चन्द्र
👬

मिथुन राशि

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा
शास्त्रीय आधार — फलदीपिका, अध्याय 26, श्लोक 1–4 तथा बृहत्संहिता, अध्याय 104, श्लोक 4 एवं 8–10 में जन्मचन्द्र से गोचर-विचार को प्रधानता दी गई है। इस सप्ताह मिथुन से चन्द्र सप्तम → अष्टम → नवम → दशम भावों में चलेगा; चन्द्र के प्रथम, तृतीय, षष्ठ, सप्तम, दशम और एकादश स्थान सामान्यतः सहायक तथा अष्टम स्थान विशेष सावधानीयोग्य माना गया है। ग्रह-स्थिति, वेध और व्यक्तिगत जन्मकुंडली के अभाव में परिणाम सामान्य तथा सशर्त माने जाएँ।

चन्द्र इस सप्ताह सप्तम → अष्टम → नवम → दशम भावों से गुजरेगा। उपयोगी समय: 24 अगस्त से 25 अगस्त 03:06; पुनः 29 अगस्त 21:38 के बाद। सावधानी: 25 अगस्त 03:06 से 27 अगस्त 13:36 तक अष्टम-चन्द्र। सिंह के तृतीय भाव में सूर्य, बुध और केतु प्रयास, संपर्क और संचार को प्रमुख करेंगे। 25 अगस्त बुध–केतु और 27 अगस्त सूर्य–बुध अंश-समीप युति में तथ्य-जाँच रखें। कर्क के द्वितीय भाव में उच्च गुरु समर्थन देता है; कन्या का नीचराशिगत शुक्र व्यावहारिक अपेक्षाएँ माँगता है। उपाय: बुधवार गणेश स्मरण करें और हरी मूंग यथाशक्ति दान करें।

उपयोगी: 24 अगस्त से 25 अगस्त 03:06; पुनः 29 अगस्त 21:38 के बादसावधानी: 25 अगस्त 03:06 से 27 अगस्त 13:36 तक अष्टम-चन्द्र
🦀

कर्क राशि

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो
शास्त्रीय आधार — फलदीपिका, अध्याय 26, श्लोक 1–4 तथा बृहत्संहिता, अध्याय 104, श्लोक 4 एवं 8–10 में जन्मचन्द्र से गोचर-विचार को प्रधानता दी गई है। इस सप्ताह कर्क से चन्द्र षष्ठ → सप्तम → अष्टम → नवम भावों में चलेगा; चन्द्र के प्रथम, तृतीय, षष्ठ, सप्तम, दशम और एकादश स्थान सामान्यतः सहायक तथा अष्टम स्थान विशेष सावधानीयोग्य माना गया है। ग्रह-स्थिति, वेध और व्यक्तिगत जन्मकुंडली के अभाव में परिणाम सामान्य तथा सशर्त माने जाएँ।

चन्द्र इस सप्ताह षष्ठ → सप्तम → अष्टम → नवम भावों से गुजरेगा। उपयोगी समय: 24 अगस्त से 27 अगस्त 13:36। सावधानी: 27 अगस्त 13:36 से 29 अगस्त 21:38 तक अष्टम-चन्द्र। सिंह के द्वितीय भाव में सूर्य, बुध और केतु धन, वाणी और परिवार को प्रमुख करेंगे। 25 अगस्त बुध–केतु और 27 अगस्त सूर्य–बुध अंश-समीप युति में तथ्य-जाँच रखें। कर्क के प्रथम भाव में उच्च गुरु समर्थन देता है; कन्या का नीचराशिगत शुक्र व्यावहारिक अपेक्षाएँ माँगता है। उपाय: सोमवार शिवलिंग पर जल अर्पित करें और ॐ नमः शिवाय 27 बार जपें।

उपयोगी: 24 अगस्त से 27 अगस्त 13:36सावधानी: 27 अगस्त 13:36 से 29 अगस्त 21:38 तक अष्टम-चन्द्र
🦁

सिंह राशि

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे
शास्त्रीय आधार — फलदीपिका, अध्याय 26, श्लोक 1–4 तथा बृहत्संहिता, अध्याय 104, श्लोक 4 एवं 8–10 में जन्मचन्द्र से गोचर-विचार को प्रधानता दी गई है। इस सप्ताह सिंह से चन्द्र पंचम → षष्ठ → सप्तम → अष्टम भावों में चलेगा; चन्द्र के प्रथम, तृतीय, षष्ठ, सप्तम, दशम और एकादश स्थान सामान्यतः सहायक तथा अष्टम स्थान विशेष सावधानीयोग्य माना गया है। ग्रह-स्थिति, वेध और व्यक्तिगत जन्मकुंडली के अभाव में परिणाम सामान्य तथा सशर्त माने जाएँ।

चन्द्र इस सप्ताह पंचम → षष्ठ → सप्तम → अष्टम भावों से गुजरेगा। उपयोगी समय: 25 अगस्त 03:06 से 29 अगस्त 21:38। सावधानी: 29 अगस्त 21:38 के बाद अष्टम-चन्द्र। सिंह के प्रथम भाव में सूर्य, बुध और केतु स्वयं, आत्मविश्वास और व्यक्तिगत निर्णय को प्रमुख करेंगे। 25 अगस्त बुध–केतु और 27 अगस्त सूर्य–बुध अंश-समीप युति में तथ्य-जाँच रखें। कर्क के द्वादश भाव में उच्च गुरु समर्थन देता है; कन्या का नीचराशिगत शुक्र व्यावहारिक अपेक्षाएँ माँगता है। उपाय: रविवार तांबे के पात्र से सूर्य को अर्घ्य दें और अहं की जगह उत्तरदायित्व चुनें।

उपयोगी: 25 अगस्त 03:06 से 29 अगस्त 21:38सावधानी: 29 अगस्त 21:38 के बाद अष्टम-चन्द्र
👩

कन्या राशि

टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो
शास्त्रीय आधार — फलदीपिका, अध्याय 26, श्लोक 1–4 तथा बृहत्संहिता, अध्याय 104, श्लोक 4 एवं 8–10 में जन्मचन्द्र से गोचर-विचार को प्रधानता दी गई है। इस सप्ताह कन्या से चन्द्र चतुर्थ → पंचम → षष्ठ → सप्तम भावों में चलेगा; चन्द्र के प्रथम, तृतीय, षष्ठ, सप्तम, दशम और एकादश स्थान सामान्यतः सहायक तथा अष्टम स्थान विशेष सावधानीयोग्य माना गया है। ग्रह-स्थिति, वेध और व्यक्तिगत जन्मकुंडली के अभाव में परिणाम सामान्य तथा सशर्त माने जाएँ।

चन्द्र इस सप्ताह चतुर्थ → पंचम → षष्ठ → सप्तम भावों से गुजरेगा। उपयोगी समय: 27 अगस्त 13:36 के बाद। सावधानी: 24–27 अगस्त घर, रचनात्मकता और अपेक्षाओं में संतुलन। सिंह के द्वादश भाव में सूर्य, बुध और केतु खर्च, विश्राम, एकांत और पर्दे के पीछे के कार्य को प्रमुख करेंगे। 25 अगस्त बुध–केतु और 27 अगस्त सूर्य–बुध अंश-समीप युति में तथ्य-जाँच रखें। कर्क के एकादश भाव में उच्च गुरु समर्थन देता है; कन्या का नीचराशिगत शुक्र व्यावहारिक अपेक्षाएँ माँगता है। उपाय: बुधवार गणेश स्मरण करें, हरी मूंग दान करें और काम की प्राथमिकताएँ लिखें।

उपयोगी: 27 अगस्त 13:36 के बादसावधानी: 24–27 अगस्त घर, रचनात्मकता और अपेक्षाओं में संतुलन
⚖️

तुला राशि

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते
शास्त्रीय आधार — फलदीपिका, अध्याय 26, श्लोक 1–4 तथा बृहत्संहिता, अध्याय 104, श्लोक 4 एवं 8–10 में जन्मचन्द्र से गोचर-विचार को प्रधानता दी गई है। इस सप्ताह तुला से चन्द्र तृतीय → चतुर्थ → पंचम → षष्ठ भावों में चलेगा; चन्द्र के प्रथम, तृतीय, षष्ठ, सप्तम, दशम और एकादश स्थान सामान्यतः सहायक तथा अष्टम स्थान विशेष सावधानीयोग्य माना गया है। ग्रह-स्थिति, वेध और व्यक्तिगत जन्मकुंडली के अभाव में परिणाम सामान्य तथा सशर्त माने जाएँ।

चन्द्र इस सप्ताह तृतीय → चतुर्थ → पंचम → षष्ठ भावों से गुजरेगा। उपयोगी समय: 24 अगस्त से 25 अगस्त 03:06; पुनः 29 अगस्त 21:38 के बाद। सावधानी: 25–29 अगस्त घर, प्रेम और रचनात्मक निर्णयों में धैर्य। सिंह के एकादश भाव में सूर्य, बुध और केतु लाभ, नेटवर्क, लक्ष्य और मित्र-वृत्त को प्रमुख करेंगे। 25 अगस्त बुध–केतु और 27 अगस्त सूर्य–बुध अंश-समीप युति में तथ्य-जाँच रखें। कर्क के दशम भाव में उच्च गुरु समर्थन देता है; कन्या का नीचराशिगत शुक्र व्यावहारिक अपेक्षाएँ माँगता है। उपाय: शुक्रवार माता लक्ष्मी को सफेद पुष्प अर्पित करें और दिखावटी खर्च से बचें।

उपयोगी: 24 अगस्त से 25 अगस्त 03:06; पुनः 29 अगस्त 21:38 के बादसावधानी: 25–29 अगस्त घर, प्रेम और रचनात्मक निर्णयों में धैर्य
🦂

वृश्चिक राशि

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू
शास्त्रीय आधार — फलदीपिका, अध्याय 26, श्लोक 1–4 तथा बृहत्संहिता, अध्याय 104, श्लोक 4 एवं 8–10 में जन्मचन्द्र से गोचर-विचार को प्रधानता दी गई है। इस सप्ताह वृश्चिक से चन्द्र द्वितीय → तृतीय → चतुर्थ → पंचम भावों में चलेगा; चन्द्र के प्रथम, तृतीय, षष्ठ, सप्तम, दशम और एकादश स्थान सामान्यतः सहायक तथा अष्टम स्थान विशेष सावधानीयोग्य माना गया है। ग्रह-स्थिति, वेध और व्यक्तिगत जन्मकुंडली के अभाव में परिणाम सामान्य तथा सशर्त माने जाएँ।

चन्द्र इस सप्ताह द्वितीय → तृतीय → चतुर्थ → पंचम भावों से गुजरेगा। उपयोगी समय: 25 अगस्त 03:06 से 27 अगस्त 13:36। सावधानी: 24 अगस्त तथा 27 अगस्त के बाद धन/घर/भावनात्मक प्रतिक्रिया। सिंह के दशम भाव में सूर्य, बुध और केतु करियर, प्रतिष्ठा, दायित्व और प्रशासन को प्रमुख करेंगे। 25 अगस्त बुध–केतु और 27 अगस्त सूर्य–बुध अंश-समीप युति में तथ्य-जाँच रखें। कर्क के नवम भाव में उच्च गुरु समर्थन देता है; कन्या का नीचराशिगत शुक्र व्यावहारिक अपेक्षाएँ माँगता है। उपाय: मंगलवार हनुमान चालीसा पढ़ें और साझा धन का लिखित हिसाब रखें।

उपयोगी: 25 अगस्त 03:06 से 27 अगस्त 13:36सावधानी: 24 अगस्त तथा 27 अगस्त के बाद धन/घर/भावनात्मक प्रतिक्रिया
🏹

धनु राशि

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे
शास्त्रीय आधार — फलदीपिका, अध्याय 26, श्लोक 1–4 तथा बृहत्संहिता, अध्याय 104, श्लोक 4 एवं 8–10 में जन्मचन्द्र से गोचर-विचार को प्रधानता दी गई है। इस सप्ताह धनु से चन्द्र प्रथम → द्वितीय → तृतीय → चतुर्थ भावों में चलेगा; चन्द्र के प्रथम, तृतीय, षष्ठ, सप्तम, दशम और एकादश स्थान सामान्यतः सहायक तथा अष्टम स्थान विशेष सावधानीयोग्य माना गया है। ग्रह-स्थिति, वेध और व्यक्तिगत जन्मकुंडली के अभाव में परिणाम सामान्य तथा सशर्त माने जाएँ।

चन्द्र इस सप्ताह प्रथम → द्वितीय → तृतीय → चतुर्थ भावों से गुजरेगा। उपयोगी समय: 24 अगस्त से 25 अगस्त 03:06; पुनः 27 अगस्त 13:36 से 29 अगस्त 21:38। सावधानी: 25–27 अगस्त धन-वाणी; 29 अगस्त बाद घर-परिवार। सिंह के नवम भाव में सूर्य, बुध और केतु अध्ययन, यात्रा, मार्गदर्शन और विश्वास को प्रमुख करेंगे। 25 अगस्त बुध–केतु और 27 अगस्त सूर्य–बुध अंश-समीप युति में तथ्य-जाँच रखें। कर्क के अष्टम भाव में उच्च गुरु समर्थन देता है; कन्या का नीचराशिगत शुक्र व्यावहारिक अपेक्षाएँ माँगता है। उपाय: गुरुवार पीली दाल दान करें और भगवान विष्णु का स्मरण करें।

उपयोगी: 24 अगस्त से 25 अगस्त 03:06; पुनः 27 अगस्त 13:36 से 29 अगस्त 21:38सावधानी: 25–27 अगस्त धन-वाणी; 29 अगस्त बाद घर-परिवार
🐐

मकर राशि

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी
शास्त्रीय आधार — फलदीपिका, अध्याय 26, श्लोक 1–4 तथा बृहत्संहिता, अध्याय 104, श्लोक 4 एवं 8–10 में जन्मचन्द्र से गोचर-विचार को प्रधानता दी गई है। इस सप्ताह मकर से चन्द्र द्वादश → प्रथम → द्वितीय → तृतीय भावों में चलेगा; चन्द्र के प्रथम, तृतीय, षष्ठ, सप्तम, दशम और एकादश स्थान सामान्यतः सहायक तथा अष्टम स्थान विशेष सावधानीयोग्य माना गया है। ग्रह-स्थिति, वेध और व्यक्तिगत जन्मकुंडली के अभाव में परिणाम सामान्य तथा सशर्त माने जाएँ।

चन्द्र इस सप्ताह द्वादश → प्रथम → द्वितीय → तृतीय भावों से गुजरेगा। उपयोगी समय: 25 अगस्त 03:06 से 27 अगस्त 13:36; पुनः 29 अगस्त 21:38 के बाद। सावधानी: 24 अगस्त खर्च और विश्राम। सिंह के अष्टम भाव में सूर्य, बुध और केतु साझा धन, कर, गोपनीयता और परिवर्तन को प्रमुख करेंगे। 25 अगस्त बुध–केतु और 27 अगस्त सूर्य–बुध अंश-समीप युति में तथ्य-जाँच रखें। कर्क के सप्तम भाव में उच्च गुरु समर्थन देता है; कन्या का नीचराशिगत शुक्र व्यावहारिक अपेक्षाएँ माँगता है। उपाय: शनिवार तिल के तेल का दीपक जलाएँ और श्रमिक की यथाशक्ति सहायता करें।

उपयोगी: 25 अगस्त 03:06 से 27 अगस्त 13:36; पुनः 29 अगस्त 21:38 के बादसावधानी: 24 अगस्त खर्च और विश्राम
🏺

कुंभ राशि

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा
शास्त्रीय आधार — फलदीपिका, अध्याय 26, श्लोक 1–4 तथा बृहत्संहिता, अध्याय 104, श्लोक 4 एवं 8–10 में जन्मचन्द्र से गोचर-विचार को प्रधानता दी गई है। इस सप्ताह कुंभ से चन्द्र एकादश → द्वादश → प्रथम → द्वितीय भावों में चलेगा; चन्द्र के प्रथम, तृतीय, षष्ठ, सप्तम, दशम और एकादश स्थान सामान्यतः सहायक तथा अष्टम स्थान विशेष सावधानीयोग्य माना गया है। ग्रह-स्थिति, वेध और व्यक्तिगत जन्मकुंडली के अभाव में परिणाम सामान्य तथा सशर्त माने जाएँ।

चन्द्र इस सप्ताह एकादश → द्वादश → प्रथम → द्वितीय भावों से गुजरेगा। उपयोगी समय: 24 अगस्त से 25 अगस्त 03:06; पुनः 27 अगस्त 13:36 से 29 अगस्त 21:38। सावधानी: 25–27 अगस्त खर्च/एकांत; 29 अगस्त बाद धन-वाणी। सिंह के सप्तम भाव में सूर्य, बुध और केतु साझेदारी, विवाह, ग्राहक और सार्वजनिक व्यवहार को प्रमुख करेंगे। 25 अगस्त बुध–केतु और 27 अगस्त सूर्य–बुध अंश-समीप युति में तथ्य-जाँच रखें। कर्क के षष्ठ भाव में उच्च गुरु समर्थन देता है; कन्या का नीचराशिगत शुक्र व्यावहारिक अपेक्षाएँ माँगता है। उपाय: शनिवार काला तिल दान करें और शनि मंत्र 27 बार जपें।

उपयोगी: 24 अगस्त से 25 अगस्त 03:06; पुनः 27 अगस्त 13:36 से 29 अगस्त 21:38सावधानी: 25–27 अगस्त खर्च/एकांत; 29 अगस्त बाद धन-वाणी
🐟

मीन राशि

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची
शास्त्रीय आधार — फलदीपिका, अध्याय 26, श्लोक 1–4 तथा बृहत्संहिता, अध्याय 104, श्लोक 4 एवं 8–10 में जन्मचन्द्र से गोचर-विचार को प्रधानता दी गई है। इस सप्ताह मीन से चन्द्र दशम → एकादश → द्वादश → प्रथम भावों में चलेगा; चन्द्र के प्रथम, तृतीय, षष्ठ, सप्तम, दशम और एकादश स्थान सामान्यतः सहायक तथा अष्टम स्थान विशेष सावधानीयोग्य माना गया है। ग्रह-स्थिति, वेध और व्यक्तिगत जन्मकुंडली के अभाव में परिणाम सामान्य तथा सशर्त माने जाएँ।

चन्द्र इस सप्ताह दशम → एकादश → द्वादश → प्रथम भावों से गुजरेगा। उपयोगी समय: 24 अगस्त से 27 अगस्त 13:36; पुनः 29 अगस्त 21:38 के बाद। सावधानी: 27 अगस्त 13:36 से 29 अगस्त 21:38 खर्च, विश्राम और गोपनीय विषय। सिंह के षष्ठ भाव में सूर्य, बुध और केतु कार्य-दिनचर्या, प्रतियोगिता, ऋण और स्वास्थ्य-अनुशासन को प्रमुख करेंगे। 25 अगस्त बुध–केतु और 27 अगस्त सूर्य–बुध अंश-समीप युति में तथ्य-जाँच रखें। कर्क के पंचम भाव में उच्च गुरु समर्थन देता है; कन्या का नीचराशिगत शुक्र व्यावहारिक अपेक्षाएँ माँगता है। उपाय: गुरुवार पीली दाल दान करें और भगवान विष्णु का शांत स्मरण करें।

उपयोगी: 24 अगस्त से 27 अगस्त 13:36; पुनः 29 अगस्त 21:38 के बादसावधानी: 27 अगस्त 13:36 से 29 अगस्त 21:38 खर्च, विश्राम और गोपनीय विषय
सप्ताह-सार: सप्ताह का मुख्य क्रम धनु से मकर, कुंभ और मीन चन्द्र गोचर है—पहले दिशा और विश्वास, फिर जिम्मेदारी, उसके बाद नेटवर्क और अंततः विश्राम व आत्ममंथन प्रमुख होंगे। 25 अगस्त बुध–केतु युति, शुक्र का चित्रा प्रवेश, 27 अगस्त सूर्य–बुध युति और 28 अगस्त मंगल का आर्द्रा पद 4 सप्ताह के निर्णायक बिंदु हैं। तथ्य-जाँच, लिखित पुष्टि, खर्च-अनुशासन और संबंधों में स्पष्ट संवाद रखें। अगले सप्ताह मीन से मेष चन्द्र क्रम व्यक्तिगत निर्णय और नई शुरुआत को अधिक प्रमुख करेगा।
पद्धति-सीमा: यह सामान्य साप्ताहिक फल चन्द्र-राशि केंद्रित राशि–नक्षत्र गोचर, उज्जैन पञ्चाङ्ग और लाहिरी निरयन ग्रह-स्थितियों पर आधारित है। पृथक Drishti PDF उपलब्ध न होने से अंश-सक्रिय दृष्टि-आधारित निष्कर्ष शामिल नहीं किए गए हैं। व्यक्तिगत जन्मकुंडली, दशा, जन्म-नक्षत्र आधारित ताराबल और व्यक्ति-विशिष्ट ग्रहबल इसमें सम्मिलित नहीं हैं।
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