प्रातः लक्ष्य, अध्ययन और यात्रा-विषय सक्रिय रहेंगे। दिन बढ़ने के साथ निर्णय को जिम्मेदारी और दीर्घकालिक परिणाम से जोड़ना अधिक उपयोगी होगा।
24 से 30 अगस्त 2026 साप्ताहिक चंद्र राशिफल
धनु से मकर 25 अगस्त 03:06, कुंभ 27 अगस्त 13:36 और मीन 29 अगस्त 21:38। नक्षत्र क्रम: पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद और उत्तराभाद्रपद।
25 अगस्त 12:28 बुध–केतु अंश-समीप युति; 12:50 शुक्र चित्रा प्रवेश। 27 अगस्त 22:34 सूर्य–बुध अंश-समीप युति; 28 अगस्त 07:31 मंगल आर्द्रा पद 4; 29 अगस्त 12:57 बुध पूर्वाफाल्गुनी प्रवेश।
24–25 अगस्त दिशा व जिम्मेदारी; 25–27 अगस्त काम और अनुशासन; 27–29 अगस्त नेटवर्क और सूचना; 29–30 अगस्त विश्राम, आत्ममंथन तथा आगामी निर्णयों की तैयारी। लिखित पुष्टि और तथ्य-जाँच को प्राथमिकता दें।
सप्ताहारम्भ की सभी ग्रह-स्थितियाँ
स्थिति 24 अगस्त 2026, 00:00 IST के निकट। लाहिरी निरयन गणना और Mean Node (औसत नोड)। परिवर्तन-समय IST में हैं। पृथक Drishti PDF उपलब्ध न होने से दृष्टि-आधारित निष्कर्ष शामिल नहीं किए गए हैं।
| ग्रह | राशि व अंश | नक्षत्र | गति | 24–30 अगस्त का परिवर्तन |
|---|---|---|---|---|
| सूर्य | सिंह 06°25′ | मघा पद 2 | मार्गी | 24 अगस्त 06:12 मघा पद 3; 27 अगस्त 17:09 पद 4 |
| चन्द्र | धनु 16°26′ | पूर्वाषाढ़ा पद 1 | मार्गी | धनु → मकर 25 अगस्त 03:06 → कुंभ 27 अगस्त 13:36 → मीन 29 अगस्त 21:38 |
| मंगल | मिथुन 13°54′ | आर्द्रा पद 3 | मार्गी | 28 अगस्त 07:31 आर्द्रा पद 4 |
| बुध | सिंह 02°23′ | मघा पद 1 | मार्गी | 24 अगस्त 11:20 मघा पद 2; 26 अगस्त 03:25 पद 3; 27 अगस्त 19:54 पद 4; 29 अगस्त 12:57 पूर्वाफाल्गुनी |
| गुरु | कर्क 17°43′ | आश्लेषा पद 1 | मार्गी | आश्लेषा पद 1 में स्थिर |
| शुक्र | कन्या 21°59′ | हस्त पद 4 | मार्गी | 25 अगस्त 12:50 चित्रा प्रवेश; 29 अगस्त 10:35 चित्रा पद 2 |
| शनि | मीन 19°52′ | रेवती पद 1 | वक्री | रेवती पद 1 में वक्री |
| राहु | कुंभ 05°30′ | धनिष्ठा पद 4 | वक्री | धनिष्ठा पद 4 में वक्री |
| केतु | सिंह 05°30′ | मघा पद 2 | वक्री | मघा पद 2 में वक्री; 25 अगस्त 12:28 बुध से अंश-समीप युति |
दिनांकवार चन्द्र राशि–नक्षत्र और ग्रह-परिवर्तन
प्रत्येक राशि के फलादेश में इन्हीं समय-बिंदुओं के अनुसार प्रभाव का स्वर बदलता है।
काम, व्यवस्था और उत्तरदायित्व बढ़ेंगे। दोपहर के आसपास संदेश, दस्तावेज़ और मौखिक आश्वासन की पुनःजाँच करें; संबंधों में व्यावहारिकता लाभ देगी।
योजना, रिपोर्टिंग, प्रशासन और सुनने की क्षमता महत्त्वपूर्ण रहेगी। आधी जानकारी पर निष्कर्ष देने के बजाय तथ्य और समयसीमा स्पष्ट रखना उपयोगी होगा।
दोपहर बाद नेटवर्क, समूह और सार्वजनिक संवाद सक्रिय होंगे। रात्रि के सूर्य–बुध संयोग में महत्वपूर्ण घोषणा या निर्णय से पहले भाषा और तथ्य की दोहरी जाँच रखें।
तकनीकी प्रणाली, स्वास्थ्य-संरचना, नेटवर्क और संचार-विषय संवेदनशील रह सकते हैं। तेज प्रतिक्रिया के बजाय प्रक्रिया और बैकअप योजना पर ध्यान देना लाभकारी होगा।
दिन में विचार, प्रस्तुति और रचनात्मक संवाद आगे बढ़ सकते हैं। रात्रि से गति भीतर की ओर मुड़ेगी; विश्राम, समापन और अगले कदम की शांत समीक्षा उपयोगी होगी।
आत्ममंथन, आध्यात्मिकता, लंबित कार्य और विश्राम पर जोर रहेगा। आगामी सप्ताह के निर्णय भावुक प्रतिक्रिया से नहीं, लिखित प्राथमिकता और व्यावहारिक समय-सारिणी से तय करें।
वैश्विक एवं भारत-केंद्रित मेदिनी संकेत
वैश्विक संकेत
24 अगस्त को पूर्वाषाढ़ा से उत्तराषाढ़ा में चन्द्र का संक्रमण पश्चिमी से उत्तर-पश्चिमी कूर्म-पट्टी की ओर संवेदनशीलता बढ़ाता है। 25–27 अगस्त उत्तराषाढ़ा–श्रवण–धनिष्ठा क्रम में उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र, लंबी दूरी का परिवहन, सड़क-रेल संपर्क, ऊर्जा-वितरण, संचार तथा प्रशासनिक समन्वय पर अतिरिक्त सतर्कता संकेतित है। 28 अगस्त 02:16 के बाद शतभिषा और फिर पूर्वाभाद्रपद–उत्तराभाद्रपद उत्तर दिशा की पट्टी सक्रिय करेंगे; इससे उत्तरी समुद्री/वायवीय मार्ग, स्वास्थ्य-संरचना, नेटवर्क और जल-संबंधी व्यवस्थाएँ अधिक संवेदनशील विषय बन सकती हैं। 25 अगस्त 12:28 बुध–केतु अंश-समीप युति सूचना-विच्छेद, अधूरी घोषणा, दस्तावेज़ संशोधन अथवा डिजिटल भ्रम के संकेत बढ़ा सकती है। 25 अगस्त 12:50 शुक्र चित्रा में प्रवेश कर निर्माण, डिजाइन और संरचनात्मक सुधार के विषय उभारेगा। 27 अगस्त 22:34 सूर्य–बुध अंश-समीप युति नेतृत्व-वक्तव्य, प्रशासनिक संचार और सार्वजनिक घोषणाओं को तीखा कर सकती है। 28 अगस्त मंगल आर्द्रा पद 4 में पहुँचकर संचार, तकनीकी संरचना और त्वरित प्रतिक्रिया से जुड़े जोखिम संकेत बढ़ाता है। यह प्रत्यक्ष मौसम या भू-राजनीतिक भविष्यवाणी नहीं, बल्कि ज्योतिषीय संवेदनशीलता-सूचक है; वास्तविक निर्णयों में आधिकारिक चेतावनी और तथ्य-पुष्टि को प्राथमिकता दें। विशेषकर तेज़ी से बदलती सूचना-श्रृंखला, सीमा-पार परिवहन और बड़े सार्वजनिक आयोजनों में बैकअप योजना तथा संचार-अनुशासन उपयोगी रहेगा।
भारत-केंद्रित सावधानियाँ
भारत में 24 अगस्त पूर्वाषाढ़ा के कारण पश्चिमी पट्टी की संवेदनशीलता गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और पश्चिमी मध्य प्रदेश से जुड़े परिवहन, कृषि-भंडारण, बाजार-आपूर्ति और स्थानीय प्रशासनिक खबरों में दिखाई दे सकती है। 24 अगस्त 20:28 से 28 अगस्त 02:16 तक उत्तराषाढ़ा–श्रवण–धनिष्ठा क्रम उत्तर-पश्चिमी पट्टी को प्रमुख करता है; राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल क्षेत्र में सड़क-रेल यातायात, संचार, विद्युत और जल-प्रबंधन संबंधी सावधानी उपयोगी रहेगी। 28 अगस्त से शतभिषा–पूर्वाभाद्रपद–उत्तराभाद्रपद उत्तर दिशा को सक्रिय करेंगे; उत्तर भारत और हिमालयी क्षेत्रों में स्वास्थ्य-सुविधा, जल-निकासी, नेटवर्क तथा स्थानीय अवसंरचना पर वास्तविक प्रशासनिक चेतावनियों को प्राथमिकता दें। 25 अगस्त 12:28 बुध–केतु युति और 27 अगस्त 22:34 सूर्य–बुध युति सरकारी वक्तव्य, दस्तावेज़, तकनीकी सूचना या सार्वजनिक संदेशों में पुनर्पुष्टि की आवश्यकता बढ़ा सकती है। सोमवार 24 अगस्त 05:00–24:00 में चन्द्र धनु में है; चंद्रबल की दृष्टि से मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुंभ और मीन अपेक्षाकृत सहायक माने जाएँगे। अष्टम-चन्द्र खिड़कियाँ: वृषभ के लिए 25 अगस्त 03:06 तक, मिथुन के लिए 25 अगस्त 03:06–27 अगस्त 13:36, कर्क के लिए 27 अगस्त 13:36–29 अगस्त 21:38 और सिंह के लिए 29 अगस्त 21:38 के बाद। व्यक्तिगत जन्म-नक्षत्र उपलब्ध न होने से ताराबल लागू नहीं किया गया है। कृषि, स्वास्थ्य, परिवहन और स्थानीय प्रशासन से जुड़े निर्णयों में IMD, राज्य प्रशासन और अधिकृत विभागों की वास्तविक समय सूचना को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
उज्जैन पञ्चाङ्ग-सार
प्रत्येक पंक्ति सूर्योदय के समय सक्रिय तिथि, नक्षत्र, योग और करण दिखाती है। अंत-समय अगले दिन पड़े तो पूर्ण दिनांक सहित दिया गया है, ताकि सूर्योदय-पूर्व संक्रमण में भ्रम न हो।
| दिनांक | सूर्योदय / सूर्यास्त | तिथि | नक्षत्र | योग | करण | सूर्योदय का चन्द्र |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 24 अगस्त सोमवार | 06:07 / 18:51 | शुक्ल द्वादशी अंत 25 अगस्त 06:21 | पूर्वाषाढ़ा अंत 24 अगस्त 20:28 | प्रीति अंत 24 अगस्त 07:05 | बव अंत 24 अगस्त 17:23 | धनु • पद 2 |
| 25 अगस्त मंगलवार | 06:08 / 18:50 | शुक्ल द्वादशी अंत 25 अगस्त 06:21 | उत्तराषाढ़ा अंत 25 अगस्त 22:52 | आयुष्मान अंत 25 अगस्त 07:41 | बालव अंत 25 अगस्त 06:21 | मकर • पद 2 |
| 26 अगस्त बुधवार | 06:08 / 18:49 | शुक्ल त्रयोदशी अंत 26 अगस्त 08:00 | श्रवण अंत 27 अगस्त 00:48 | सौभाग्य अंत 26 अगस्त 08:00 | तैतिल अंत 26 अगस्त 08:00 | मकर • पद 2 |
| 27 अगस्त गुरुवार | 06:08 / 18:48 | शुक्ल चतुर्दशी अंत 27 अगस्त 09:09 | धनिष्ठा अंत 28 अगस्त 02:16 | शोभन अंत 27 अगस्त 07:56 | वणिज अंत 27 अगस्त 09:09 | मकर • पद 1 |
| 28 अगस्त शुक्रवार | 06:09 / 18:47 | पूर्णिमा अंत 28 अगस्त 09:49 | शतभिषा अंत 29 अगस्त 03:13 | अतिगण्ड अंत 28 अगस्त 07:28 | बव अंत 28 अगस्त 09:49 | कुंभ • पद 1 |
| 29 अगस्त शनिवार | 06:09 / 18:46 | कृष्ण प्रतिपदा अंत 29 अगस्त 09:57 | पूर्वाभाद्रपद अंत 30 अगस्त 03:43 | सुकर्मा अंत 29 अगस्त 06:36 | कौलव अंत 29 अगस्त 09:57 | कुंभ • पद 1 |
| 30 अगस्त रविवार | 06:09 / 18:45 | कृष्ण द्वितीया अंत 30 अगस्त 09:38 | उत्तराभाद्रपद अंत 31 अगस्त 03:45 | शूल अंत 31 अगस्त 03:46 | गर अंत 30 अगस्त 09:38 | मीन • पद 1 |
सभी 12 चंद्र राशियों का फल
प्रत्येक राशि में पहले शास्त्रीय आधार दिया गया है; विस्तृत फल में लाभ, सावधानी, कार्य/व्यवसाय, परिवार/संबंध, स्वास्थ्य और उपाय के अलग 100–120 शब्दीय खंड हैं।
मेष राशि
चन्द्र इस सप्ताह नवम → दशम → एकादश → द्वादश भावों से गुजरेगा। उपयोगी समय: 25 अगस्त 03:06 से 29 अगस्त 21:38। सावधानी: 29 अगस्त 21:38 के बाद खर्च, विश्राम और गोपनीय विषय। सिंह के पंचम भाव में सूर्य, बुध और केतु शिक्षा, सृजन, प्रेम और संतति को प्रमुख करेंगे। 25 अगस्त बुध–केतु और 27 अगस्त सूर्य–बुध अंश-समीप युति में तथ्य-जाँच रखें। कर्क के चतुर्थ भाव में उच्च गुरु समर्थन देता है; कन्या का नीचराशिगत शुक्र व्यावहारिक अपेक्षाएँ माँगता है। उपाय: मंगलवार हनुमान चालीसा पढ़ें और लाल मसूर यथाशक्ति दान करें।
वृषभ राशि
चन्द्र इस सप्ताह अष्टम → नवम → दशम → एकादश भावों से गुजरेगा। उपयोगी समय: 27 अगस्त 13:36 के बाद। सावधानी: 24 अगस्त से 25 अगस्त 03:06 तक अष्टम-चन्द्र। सिंह के चतुर्थ भाव में सूर्य, बुध और केतु घर, माता, वाहन और मानसिक शांति को प्रमुख करेंगे। 25 अगस्त बुध–केतु और 27 अगस्त सूर्य–बुध अंश-समीप युति में तथ्य-जाँच रखें। कर्क के तृतीय भाव में उच्च गुरु समर्थन देता है; कन्या का नीचराशिगत शुक्र व्यावहारिक अपेक्षाएँ माँगता है। उपाय: शुक्रवार सफेद मिठाई या चावल यथाशक्ति दान करें।
मिथुन राशि
चन्द्र इस सप्ताह सप्तम → अष्टम → नवम → दशम भावों से गुजरेगा। उपयोगी समय: 24 अगस्त से 25 अगस्त 03:06; पुनः 29 अगस्त 21:38 के बाद। सावधानी: 25 अगस्त 03:06 से 27 अगस्त 13:36 तक अष्टम-चन्द्र। सिंह के तृतीय भाव में सूर्य, बुध और केतु प्रयास, संपर्क और संचार को प्रमुख करेंगे। 25 अगस्त बुध–केतु और 27 अगस्त सूर्य–बुध अंश-समीप युति में तथ्य-जाँच रखें। कर्क के द्वितीय भाव में उच्च गुरु समर्थन देता है; कन्या का नीचराशिगत शुक्र व्यावहारिक अपेक्षाएँ माँगता है। उपाय: बुधवार गणेश स्मरण करें और हरी मूंग यथाशक्ति दान करें।
कर्क राशि
चन्द्र इस सप्ताह षष्ठ → सप्तम → अष्टम → नवम भावों से गुजरेगा। उपयोगी समय: 24 अगस्त से 27 अगस्त 13:36। सावधानी: 27 अगस्त 13:36 से 29 अगस्त 21:38 तक अष्टम-चन्द्र। सिंह के द्वितीय भाव में सूर्य, बुध और केतु धन, वाणी और परिवार को प्रमुख करेंगे। 25 अगस्त बुध–केतु और 27 अगस्त सूर्य–बुध अंश-समीप युति में तथ्य-जाँच रखें। कर्क के प्रथम भाव में उच्च गुरु समर्थन देता है; कन्या का नीचराशिगत शुक्र व्यावहारिक अपेक्षाएँ माँगता है। उपाय: सोमवार शिवलिंग पर जल अर्पित करें और ॐ नमः शिवाय 27 बार जपें।
सिंह राशि
चन्द्र इस सप्ताह पंचम → षष्ठ → सप्तम → अष्टम भावों से गुजरेगा। उपयोगी समय: 25 अगस्त 03:06 से 29 अगस्त 21:38। सावधानी: 29 अगस्त 21:38 के बाद अष्टम-चन्द्र। सिंह के प्रथम भाव में सूर्य, बुध और केतु स्वयं, आत्मविश्वास और व्यक्तिगत निर्णय को प्रमुख करेंगे। 25 अगस्त बुध–केतु और 27 अगस्त सूर्य–बुध अंश-समीप युति में तथ्य-जाँच रखें। कर्क के द्वादश भाव में उच्च गुरु समर्थन देता है; कन्या का नीचराशिगत शुक्र व्यावहारिक अपेक्षाएँ माँगता है। उपाय: रविवार तांबे के पात्र से सूर्य को अर्घ्य दें और अहं की जगह उत्तरदायित्व चुनें।
कन्या राशि
चन्द्र इस सप्ताह चतुर्थ → पंचम → षष्ठ → सप्तम भावों से गुजरेगा। उपयोगी समय: 27 अगस्त 13:36 के बाद। सावधानी: 24–27 अगस्त घर, रचनात्मकता और अपेक्षाओं में संतुलन। सिंह के द्वादश भाव में सूर्य, बुध और केतु खर्च, विश्राम, एकांत और पर्दे के पीछे के कार्य को प्रमुख करेंगे। 25 अगस्त बुध–केतु और 27 अगस्त सूर्य–बुध अंश-समीप युति में तथ्य-जाँच रखें। कर्क के एकादश भाव में उच्च गुरु समर्थन देता है; कन्या का नीचराशिगत शुक्र व्यावहारिक अपेक्षाएँ माँगता है। उपाय: बुधवार गणेश स्मरण करें, हरी मूंग दान करें और काम की प्राथमिकताएँ लिखें।
तुला राशि
चन्द्र इस सप्ताह तृतीय → चतुर्थ → पंचम → षष्ठ भावों से गुजरेगा। उपयोगी समय: 24 अगस्त से 25 अगस्त 03:06; पुनः 29 अगस्त 21:38 के बाद। सावधानी: 25–29 अगस्त घर, प्रेम और रचनात्मक निर्णयों में धैर्य। सिंह के एकादश भाव में सूर्य, बुध और केतु लाभ, नेटवर्क, लक्ष्य और मित्र-वृत्त को प्रमुख करेंगे। 25 अगस्त बुध–केतु और 27 अगस्त सूर्य–बुध अंश-समीप युति में तथ्य-जाँच रखें। कर्क के दशम भाव में उच्च गुरु समर्थन देता है; कन्या का नीचराशिगत शुक्र व्यावहारिक अपेक्षाएँ माँगता है। उपाय: शुक्रवार माता लक्ष्मी को सफेद पुष्प अर्पित करें और दिखावटी खर्च से बचें।
वृश्चिक राशि
चन्द्र इस सप्ताह द्वितीय → तृतीय → चतुर्थ → पंचम भावों से गुजरेगा। उपयोगी समय: 25 अगस्त 03:06 से 27 अगस्त 13:36। सावधानी: 24 अगस्त तथा 27 अगस्त के बाद धन/घर/भावनात्मक प्रतिक्रिया। सिंह के दशम भाव में सूर्य, बुध और केतु करियर, प्रतिष्ठा, दायित्व और प्रशासन को प्रमुख करेंगे। 25 अगस्त बुध–केतु और 27 अगस्त सूर्य–बुध अंश-समीप युति में तथ्य-जाँच रखें। कर्क के नवम भाव में उच्च गुरु समर्थन देता है; कन्या का नीचराशिगत शुक्र व्यावहारिक अपेक्षाएँ माँगता है। उपाय: मंगलवार हनुमान चालीसा पढ़ें और साझा धन का लिखित हिसाब रखें।
धनु राशि
चन्द्र इस सप्ताह प्रथम → द्वितीय → तृतीय → चतुर्थ भावों से गुजरेगा। उपयोगी समय: 24 अगस्त से 25 अगस्त 03:06; पुनः 27 अगस्त 13:36 से 29 अगस्त 21:38। सावधानी: 25–27 अगस्त धन-वाणी; 29 अगस्त बाद घर-परिवार। सिंह के नवम भाव में सूर्य, बुध और केतु अध्ययन, यात्रा, मार्गदर्शन और विश्वास को प्रमुख करेंगे। 25 अगस्त बुध–केतु और 27 अगस्त सूर्य–बुध अंश-समीप युति में तथ्य-जाँच रखें। कर्क के अष्टम भाव में उच्च गुरु समर्थन देता है; कन्या का नीचराशिगत शुक्र व्यावहारिक अपेक्षाएँ माँगता है। उपाय: गुरुवार पीली दाल दान करें और भगवान विष्णु का स्मरण करें।
मकर राशि
चन्द्र इस सप्ताह द्वादश → प्रथम → द्वितीय → तृतीय भावों से गुजरेगा। उपयोगी समय: 25 अगस्त 03:06 से 27 अगस्त 13:36; पुनः 29 अगस्त 21:38 के बाद। सावधानी: 24 अगस्त खर्च और विश्राम। सिंह के अष्टम भाव में सूर्य, बुध और केतु साझा धन, कर, गोपनीयता और परिवर्तन को प्रमुख करेंगे। 25 अगस्त बुध–केतु और 27 अगस्त सूर्य–बुध अंश-समीप युति में तथ्य-जाँच रखें। कर्क के सप्तम भाव में उच्च गुरु समर्थन देता है; कन्या का नीचराशिगत शुक्र व्यावहारिक अपेक्षाएँ माँगता है। उपाय: शनिवार तिल के तेल का दीपक जलाएँ और श्रमिक की यथाशक्ति सहायता करें।
कुंभ राशि
चन्द्र इस सप्ताह एकादश → द्वादश → प्रथम → द्वितीय भावों से गुजरेगा। उपयोगी समय: 24 अगस्त से 25 अगस्त 03:06; पुनः 27 अगस्त 13:36 से 29 अगस्त 21:38। सावधानी: 25–27 अगस्त खर्च/एकांत; 29 अगस्त बाद धन-वाणी। सिंह के सप्तम भाव में सूर्य, बुध और केतु साझेदारी, विवाह, ग्राहक और सार्वजनिक व्यवहार को प्रमुख करेंगे। 25 अगस्त बुध–केतु और 27 अगस्त सूर्य–बुध अंश-समीप युति में तथ्य-जाँच रखें। कर्क के षष्ठ भाव में उच्च गुरु समर्थन देता है; कन्या का नीचराशिगत शुक्र व्यावहारिक अपेक्षाएँ माँगता है। उपाय: शनिवार काला तिल दान करें और शनि मंत्र 27 बार जपें।
मीन राशि
चन्द्र इस सप्ताह दशम → एकादश → द्वादश → प्रथम भावों से गुजरेगा। उपयोगी समय: 24 अगस्त से 27 अगस्त 13:36; पुनः 29 अगस्त 21:38 के बाद। सावधानी: 27 अगस्त 13:36 से 29 अगस्त 21:38 खर्च, विश्राम और गोपनीय विषय। सिंह के षष्ठ भाव में सूर्य, बुध और केतु कार्य-दिनचर्या, प्रतियोगिता, ऋण और स्वास्थ्य-अनुशासन को प्रमुख करेंगे। 25 अगस्त बुध–केतु और 27 अगस्त सूर्य–बुध अंश-समीप युति में तथ्य-जाँच रखें। कर्क के पंचम भाव में उच्च गुरु समर्थन देता है; कन्या का नीचराशिगत शुक्र व्यावहारिक अपेक्षाएँ माँगता है। उपाय: गुरुवार पीली दाल दान करें और भगवान विष्णु का शांत स्मरण करें।
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